Hindi Poems

मैं वो नही हूं

मैं वो नही हूं
जो दिखती हू तुम्हे
जिम्मेदारियों की
बोझ के तले
दबने के बाद!
मैं वो नही हूं
जो बच जाती है
घड़ी के काटो के पीछे
भागने के बाद!
दफ्तर के
दाव पेच से सेहमी..
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