दूर कही पहाडोपर बैठे रहे
आसमानोकी खुबीया देखते…
कभी जाये नदी किनारे
जादुई लेहरो से मिलने…
कभी कहे खुदसे
फुरसत मे कितनी जिंदगी भरी है
कभी ये एहसास हो जिंदगी है बस युही…
दूर कही पहाडोपर बैठे रहे
आसमानोकी खुबीया देखते…
कभी जाये नदी किनारे
जादुई लेहरो से मिलने…
कभी कहे खुदसे
फुरसत मे कितनी जिंदगी भरी है
कभी ये एहसास हो जिंदगी है बस युही…